Corporate In Hindi | Corporate से जुड़े सभी Concepts

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Corporate In Hindi – Introduction

हम Corporate In Hindi के बारे मे जानेंगे। Corporate Modern Society का एक अनिवार्य हिस्सा है जो Economy मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और हमारे दैनिक जीवन को आकार देता है एक Corporate कानूनी इकाई है जो अपने मालिको से अलग होती हैं। जो कि Contracts में प्रवेश करने, अपनी Property रखने और Business Activities में सम्मिलित होने की Concept के साथ काफी समय से चली आ रही है। जिस मे शुरुआती Version मे Governments के द्वार युद्धो (Wars) और वित्त अभियान (Campaign) के लिए उपयोग मे लिया जाता है और आज के समय मे Corporate कई भागो मे विभाजित हो चुका है ।

जिसमे प्रत्येक के अपने एक Advantages और Disadvantages है C Corporation से लेकर Benefit Corporation तक हर एक के अपने फायदे और नुकसान होते है जिससे Entrepreneurs और Businesses के लिए आवश्यक हो जाता है । कि हर प्रकार के Corporate को समझे और उनको अपनी आवश्यकतानुसार अपने काम मे ले ।

इस Article मे हम Corporate In Hindi के बारे, Corporate अलग-अलग प्रकार के Corporates के बारे मे, उनकी विशेषता समझेंगे और उनके Advantage और Disadvantages के बारे मे देखेंगे जिससे आपको अपने Business के लिए Corporate Structure चुनने मे आसानी और उससे मदद मिले ।

Corporate Meaning In Hindi

Corporate का हिंदी में अर्थ ‘निगमित’ या ‘समष्टिगत’ होता है जो कि Company से संबंधित या Company जैसा । यह एक मिलता जुलता शब्द है जो कि Corporate, Corporation, Organization, Industries आदि के लिए भी उपयोग मे लिया जाता है । इन मे कार्य करने वाले Employees को भी Corporate कह सकते है ।

Corporate Sector Meaning In Hindi

हमने जैसा कि ऊपर Corporate In Hindi के बारे देखा किसी Business, Company या Organization को Corporate कहा था । उसी प्रकार कुछ और Companies जो उसी तरह का काम करती है जिस तरह का काम वह Companies या Businesses करती है तो उस समूह को एक साथ Corporate Sector कहते है ।

Incorporate Meaning In Hindi

“Incorporate” का हिंदी अर्थ “शामिल करना” होता है। यह एक Verd होती है जिसका उपयोग किसी चीज़ को एक पूर्णता में शामिल करने के लिए किया जाता है। जब कोई Business Start किया जाता है, तो उसे ऊपर उल्लिखित Regulatory body के रूप में शामिल किया जाता है। अन्य संदर्भों में, “Incorporate” किसी चीज़ को शामिल करने की क्रिया को दर्शाता है, जैसे कि एक विशेषता या विचार को कुछ और में शामिल करना।

Non-corporate Meaning In Hindi

“Non-corporate” का हिंदी अर्थ होता है “गैर-कॉर्पोरेट”। यह शब्द उन Business या Institutions से संबंधित होता है जो किसी Regulatory body द्वारा Operated नहीं होते हैं। इसका अर्थ है कि ऐसे Business जो कि कम से कम संख्या में लोगों द्वारा संचालित होते हैं और न किसी अन्य बड़ी Company द्वारा Control होते हैं। इसलिए, “Non-corporate” शब्द गैर-कॉर्पोरेट व्यवसायों या संस्थाओं को बताने के लिए उपयोग किया जाता है।

कोर्पोरेट क्या होता है? – What Is Corporate

“Corporate” एक Business Term है । जिसका मतलब बड़ी Company, Business House, Organization से होता है। तथा Corporate अपने आप मे एक Legal Entity होती है जिस के अपने Employees, Stakeholders, Shareholders व Promoters होते है लेकिन ये Company से अलग होते है । Corporate Term आम तौर पर बड़े level कि Companies और Organizations के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिसके कई प्रकार के काम होते है जैसे – Financial Planning, Operations Management, Human Resources Management, और Marketing और Sales के साथ साथ legal Compliance आदि कई काम शामिल होते है । Corporate Organisations का मुख्य उद्देश्य Profit Earning करना होता है और यह अपने Shareholders और Stakeholders व Company को Long Term Growth और Stability Provide करती हैं।
Companies Businesses को Organized करने के लिए Corporate Structure मे डालती है । जिससे Company के मालिक Limited Liabilities मिलती है तथा Company एक Legal Entities बन जाती है ।
और वह अपने Stakes और Stocks Sell करके Capital Raise कर सकती है ।

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कोर्पोरेट के प्रकार – Types of Corporate

Limited Liability Company(LLC)

Limited Liability Company(LLC) Business Organizations के Flexible रूप है । जो Corporate और Partnership के Benefit को जोड़ता है यह अपने Members को Limited Liability Protection देता है और उन्है अपने Individual Tax Return पर Profit और Loss कि Report करने कि अनुमति देता है । Limited Liability Company(LLC) मे कितने भी Members हो सकते है और छोटे Businesses के Owners के बीच Limited Liability Company(LLC) Popular है ।

General Partnership

General Partnership एक Business Structure है जिसमे दो या दो से अधिक Partners Share Ownership और Management Responsibilities का बांटते है । इस Partnership मे Debt और Obligations के लिए Partners Individuals रूप से उत्तरदायी होते हैं । General Partnership को Set up करना और Operate करना आसान है लेकिन वह Partners को कोई भी Liability Protection को उपलब्ध करवाते है ।

Limited Partnership

यह एक Limited Partnership एक Business Structure है जिसमें एक या एक से अधिक General Partners होते हैं जो Business का Management देखते हैं और इसके Debt और Obligations के लिए Individual रूप से उत्तरदायी होते हैं, और एक या एक से अधिक Limited Partners होते हैं जो Capital का योगदान करते हैं लेकिन उनकी Limited Liability होती है। Limited Partnership का उपयोग अक्सर Real Estate और अन्य Investment Objective के लिए किया जाता है ।

Sole Proprietorship

एक Sole Proprietorship Business Organizations का सबसे सरल रूप होता है, जिसमें एक Individual Business का मालिक होता है और उसको Operate करता है। Owner Business के Debt और Obligations के लिए Individual रूप से उत्तरदायी होता है और अपने Individual Tax Return पर Profit और Loss को Report करता है। एक Sole Proprietorship Set Up करना और Operate करना आसान है, लेकिन कोई Liability Protection प्रदान नहीं करती है ।

Non Profit Corporation

एक Non-Profit Corporation एक Business Structure है जो Charitable, Educational, Religious या अन्य Non-Profit Purposes के लिए आयोजित की जाती है। Non-Profit Corporation को उनकी Income पर Taxes को Pay करने की छूट मिलती है, लेकिन वे Strict Regulations के अधीन हैं और उन्हें अपने Profits को अपने Missions में Reinvest करना पढता है ।

Public Benefit Corporation

एक Public Benefit Corporation एक प्रकार का Corporate है जो Social या Economical Purposes दोनों को प्राप्त करने के लिए होता है और अपने Shareholders के लिए Profit, दोनो के लिए Organized किया जाता है। Public Benefit Corporation Traditional Corporations की तुलना में Transparency और Accountability को High Standards के लिए होता हैं ।

Holding Company

एक Holding Company एक प्रकार का Corporation है जो अन्य Companies की मालिक होती है और उन्हें Control करता है, लेकिन किसी भी Business Activities में खुद को शामिल नहीं होती है । Holding Companies अक्सर Tax और Liability Purposes के लिए उपयोग की जाती हैं, और वे अपनी Companies को Strategic Advantage प्रदान कर सकती हैं ।

Subsidiary Company

एक Subsidiary Company एक प्रकार का Corporation है जिसका के Owners और Control दूसरी Company द्वारा किया जाता है, जिसे Parent Company कहा जाता है ।
Subsidiaries Companies का उपयोग अक्सर नए Markets में Expand करने, Diversification और Risk Management के लिए किया जाता है ।

Parent Company

एक Parent Company एक प्रकार का Corporation है जो एक या एक से अधिक Subsidiaries Companies की मालिक है और उन्हें Control करती है । Parent Companies अपनी Subsidiaries Companies को Financial और Managerial Supreme देती है, और उन्हें बड़े Scale की Economies और Resources तक पहुंच ने के लिए मदद करती हैं ।

State Owned Enterprise

यह एक State Owned Enterprise भी एक प्रकार की Corporation है जिसको Owned और Control Government या State द्वारा किया जाता है। State Owned Enterprises अक्सर आवश्यक Services और Business, जैसे Energy, Transportation और Telecommunications आदि के लिए उपयोग ली जाते हैं ।

ये कुछ Corporates के उदाहरण है जो अधिक कमा मे आती है Corporation और भी कई तरह कि होती है ।

कोर्पोरेट के भाग – Part Of Corporate

Corporate world को अलग अलग मानदंडों के आधार पर विभिन्न भागों में बाँटा जा सकता है। यहाँ corporate world के कुछ मुख्य भाग हैं –

Corporate Governance

यह Rules, Practices, और Processes के द्वारा System को बनाता है जिसके द्वारा कंपनी को चलाने के लिए Directions दिया जाता है और Control किया जाता है। इसमें Board Of Director, Management और Shareholders के कार्य और जिम्मेदारियां शामिल होती हैं।

Finance

Finance Corporate World का एक अभिन्न अंग (integral part) है, क्योंकि यह पैसे और Financial Resources के Management से संबंधित सभी प्रकार के कार्य करती है। इसमें Financial Planning, Budgeting, Accounting, और Investment Management आदि शामिल होते है।

Operations

Operations उन Process और Systems को बनाता है जिनका उपयोग Company अपने Products या Services का Production और Distribution करने के लिए कार्य करती है। इसमें Manufacturing, Supply Chain Management, Logistics, और Customer Service इत्यादि आते हैं।

Human Resources

Human Resources एक Company के अंदर Employees के Management और Company मे उनके हित मे किये जाने वाले कार्यो से संबंधित होता है। इसमें Hiring, Training, Compensation, Benefits, और Employee Relation आदि आते हैं।

Marketing and Sales

Marketing and Sales कंपनी के Brand और Products या Services को बनाने और उनको आगे बढ़ावा देने के लिए कार्य करती हैं। इसमें Market Research, Advertising, Public Relations, और Sales Strategies आदि शामिल होते हैं।

Information Technology

Information Technology एक कंपनी के अंदर प्रौद्योगिकी प्रणालियों (implementation of technology systems) और Infrastructure के Management और Implementation करने के लिए जिम्मेदार होती है। इसमें Hardware, Software, Network, Security और Data Management आदि शामिल होते हैं।

Legal(कानूनी)

Regulations, Contracts और Intellectual Property Protection के Compliance (अनुपालन) सहित Company के चलाने के लिए Legal Aspects के साथ Legal Deals का कार्य किया जाता है ।

Corporate world के ये मुख्य भाग आपस में जुड़े हुए हैं और इनको Company को सफल बनाने के के लिए प्रभावी ढंग से मिलकर काम करना आवश्यक है ।

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कॉर्पोरेट के फायदे और नुकसान – Advantage And Disadvantages

Corporate के अपने Advantages और Disadvantages होते है जिनके बारे में हम आगे बात करेगे ।

Corporate Advantage

Limited liability

यह Corporate के सबसे बड़े Advantage मे से एक है जिसमे मालिक के पास limited liability protection होता है इसका मतलब यह है कि Business के Debts और Legal Issues के मामले मे उनकी Personal Assets सुरक्षित रहती हैं।

Access to capital

Corporation के पास Stock बेचकर या Bond जारी करके Capital Raise करने की क्षमता होती हैं जिससे उनके लिए बड़े Scale के Projects पर या Business Expansion करना आसान हो जाता हैं।

Specialized Management

Corporation के पास Business को चलाने के लिए Speclized Managers या Executive को Hiring की क्षमता होती हैं जिससे अधिक Efficient Operation और अच्छी Decision लेने मे मदद मिलती है।

Brand Recognition

Corporation के पास Brand Recognition करने और खुद को Industry मे leader के रूप मे स्थापित करने की क्षमता होती है जिससे Customer Loyalty और Market Share को बढ़ा पाते है ।

Corporate Disadvantages

Costly और Complex

Corporation स्थापित करना और रखरखाव करना Costly और Complex हो सकता है, जिसमें Legal और Accounting Assistance सहायता की आवश्यकता होती है।

Double Taxation

C-corporation को Double Tax के लिए Restricted किया जाता है, जहाँ Company और Shareholders दोनों कि Income पर Tax लगता है। यह छोटे Businesses और Startups के लिए एक नुकसानदायक होता है।

Lack Of Control

Corporation में Shareholders के पास Business पर Limited Control होता है, क्योंकि निर्णय आमतौर पर Board Of Directors और Management द्वारा लिया जाता है।

Flexibility की कमी

Corporation को सख्त Rules और Regulations से व्यवस्थित किया जाता है, जो उनकी क्षमता को त्वरित निर्णय लेने या अपनी Business Strategy को बदल सकते है ।

Corporate In Hindi – Conclusion

हम ने इस Article मे Corporate Meaning In Hindi, Incorporate Meaning In Hindi, Non-Corporate Meaning In Hindi, What Is Corporate, Corporate के महत्वपूर्ण Parts व Corporate के प्रकार आदि से जुड़ी अनेक बारे जाना Corporate In Hindi के बारे समझने कि कोशिश कि है और हम आशा करते है कि आप समझ पाये होंगें Corporate से जुड़े भागो Corporate के बारे मे समझा है । Corporate Business के लिए उपयोग मे ली जाने वाली Term है ।

Corporate In Hindi से जुड़े FAQ

Corporate Meaning In Hindi

“Corporate” शब्द का अर्थ ‘निगमित’ होता है तथा Corporate शब्द का उपयोग बड़ी Companies या Business World से संबंधित कुछ चीजों को Describe करने के लिए भी किया जाता है।

Incorporate Meaning In Hindi

“Incorporate” का हिंदी मे अर्थ “शामिल करना” होता है। यह एक Verd होती है जिसका उपयोग किसी चीज़ को पूरी तरह से शामिल करने के लिए किया जाता है। “Incorporate” किसी चीज़ को शामिल करने की क्रिया को दर्शाता है,

Corporate Business क्या होता है ?

ये business field मे use किया जाता हैं जहा एक या एक से अधिक लोग एक साथ मिल कर एक बड़ा Organization या Company बनाते हैं ।

Corporate Law किसे कहते है ?

यह legal field मे उपयोग किया जाता हैं जहा Corporate Companies और Organizations के लिए Legal Compliance और Regulatory Requirements को handle किया जाता है।

Akshad verma

मेरा नाम अक्षद वर्मा है । मै कोटा, राजस्थान का रहने वाला हूँ और एक Trader हूँ।  मैने Career Point University Kota से BSc Mathematics से कि है और Options  Trading मे NSE (National Stock Exchange ) से Course किया है साथ मै Investment, Startups, और Business मे Interest रखता हूँ और इनके बारे जानकारी रखता हुँ ।

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